My expression in words and photography

शनिवार, 25 दिसंबर 2010

बिना झोली का फकीर

श्वान
क्या आपने
देखा है कभी
कोई
बिना झोली का
फकीर
मैंने आज ही
देखा है उसे
फिर किसी की
चौखट के बाहर
बेसब्री से
ठंड में बैठे
इंतज़ार करते हुए
शायद कोई
डाल दे उसे
कुछ खाने को

सर्दी में
भूखा होने पर भी
इनको
रोटी के
एक टुकड़े की खातिर
करनी पड़ती है
भारी मशक्कत
खानी पड़ती हैं
दर दर की
ठोकरें
आसमाँ की
छत तले पलते हैं
इनके बच्चे

खदेड़ा जाता है
इनको
हर चौखट से
शायद
यही लिखा है
इनके मुक़द्दर में
ये हैं हमारी
गली के श्वान
जिन्हें लोग
कहते हैं
आवारा कुत्ते.

2 टिप्‍पणियां:

  1. क्रिसमस की शांति उल्लास और मेलप्रेम के
    आशीषमय उजास से
    आलोकित हो जीवन की हर दिशा
    क्रिसमस के आनंद से सुवासित हो
    जीवन का हर पथ.

    आपको सपरिवार क्रिसमस की ढेरों शुभ कामनाएं

    सादर
    डोरोथी

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